Maha Mohini Vashikaran Mantra


जीवन को सरल और सुचारू रूप से चलाने के लिए मनुष्य ने रिश्ते बनाए| हर रिश्ते की अलग पहचान, हर रिश्ते का अलग महत्व| ये रिश्ते जितने सरल होते हैं उन्हें निभाना उतना ही मुश्किल हो जाता है कभी कभी| ख़ास तौर पर स्त्री-पुरुष का सम्बन्ध| इनके मूल में प्रेम होता है लेकिन जैसे जैसे ये परवान चढ़ती है साथ निभाना दुष्कर लगने लगता है| कई बार तो सिर्फ इसलिए कि इनमें से कोई एक रिश्ते के प्रति गंभीर ही नहीं होता| या फिर उसका मन ही उचट जाता है| वह साथी की तरफ देखता तक नहीं| यह दोनों तरफ से हो सकता है| ऐसे में कुछ लोग वशीकरण का सहारा लेते हैं| वैसे एथिकली यह भी विचार करने की बात है कि किसी की इच्छा के विरुद्ध उसे अपने वश में करके अपना काम निकालना कितना उचित है| इसलिए वशीकरण के बारे में सोचने से पहले उसके उद्देश्य के बारे में अवश्य सोचें| अगर आपका प्रेम सच्चा है और जीवन पर्यंत उस लड़की से निभाना चाहते हैं, वशीकरण का मकसद उसे चोट पहुंचाना नहीं है तो निम्नलिखित प्रयोगों कर आप अपने जीवन को सफल बना सकते हैं –

महा मोहिनी वशीकरण मंत्र

हिन्दू पौराणिक कथा में वर्णित है कि जब समुद्र मंथन के बाद अमृत निकलकर आया तो देव दानव दोनों उसे पाने के लिए लड़ने लगे| ऐसे में विष्णु ने मोहिनी रूप धरा सभी दानव वशीभूत हो गए और वह अमृत देवताओं को प्राप्त हुआ| अतः मोहिनी शब्द का अर्थ ही मन को मोह लेने वाली| बाद के साधकों ने मोहिनी पर कई प्रयोग किए| अनेक मंत्र और कठिन साधनाओं के बाद मोहिनी को सिद्ध किया| आम लोगों के लिए निसंदेह वह कठिन साधना करना संभव नहीं है तथापि कुछ प्रयोग ऐसे भी हैं जिसे साधारण मनुष्य भी कर सकता है| यह अत्यंत तीव्र प्रभाव वाला मन्त्र है| इसका प्रयोग किसी भी रविवार से शुरू किया जा सकता है| मध्य रात्रि(बारह बजे) पूजा घर में जहां शांतिपूर्ण एकांत हो, लाल आसन बिछा लें, अपने पास कुछ साबुत लौंग रखें, सुगन्धित अगरबत्ती जलाएं, और सरसों तेल का उपयोग करके दीपक जला दें| प्रयोग शुरू करते समय अर्पित करने के लिए 5 गुलाब का फूल और 5 तरह की मिठाई भी रखें| महा मोहिनी के प्रति ध्यान केन्द्रित करें एवं निम्लिखित मंत्र पढ़े –

तेल, तेल, महातेल/ देखूँ री मोहिनी तेरा खेल/ लौंग लौंगा लौंग / एक लौंग मेरी आती – पाती/ लौंग दूजी दिखाए छाती/ रूठी को मनाकर लाए/ बैठी को उठाकर लाए/ सोती को जगाकर लाए/ चलती फिरती को लिवा लाए/ जोगिन आकास की/ सिद्ध पताला का/ अमुक (जिसे वश में करना हो) को लागी लगा रे मोहिनी/ तुझको भैरव जी की आन

मन्त्र जाप करते समय अमुक के स्थान पर जिसका वशीकरण करना हो उसका नाम लें तथा एक लौंग उठाकर उसपर फूंक मारें| मंत्र कमसे कम 21 बार जाप करें, इस तरह एक लौंग पर 21 फूंक मारनी है| यह प्रयोग लगातार सात रविवार तक करें| इसके बाद सभी लौंग संभाल कर रखें अपने पास| प्रसाद और फूल किसी बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें| अब जिसे वश में करना हो उसके पास जाए और अवसर पाते ही उसकी पीठ पर एक लौंग मारें| इतना होते ही उसका मन आपकी मुट्ठी में हो जाएगा|

मोहिनी वशीकरण मंत्र फॉर लव/गर्ल

प्रेम सायास नहीं होता है| यह तो हो जाता है| सच्चा प्रेम करने वाले को यदि उसका प्यार नहीं मिले तो वह हताशा में डूब जाता है| जिससे वह प्यार करता है वह उसकी तरफ क्यों नहीं देखता यह भी कुछ निश्चित नहीं होता| कई बार तो अकारण ही ऐसा होता है| ऐसे में इस दूसरे प्रयोग को आजमाया जा सकता है| यह दूसरा प्रयोग कामदेव ने सिद्ध किया था| बाद में प्राचीन ऋषियों और साधकों ने कठिन साधना के बाद सफलता पूर्वक संपन्न किया था| इस साधना से अपने प्रेम और यौन जीवन को सफल बनाया जा सकता है| इसे विश्व मोहिनी मंत्र भी कहा जाता है| यह सिद्ध होते ही साधक में एक चुम्बकीय आकर्षण पैदा हो जाता है|

सबसे पहले मंत्र कंठस्थ करें –

ॐ नमो भगवते काम देवाय सर्व जन प्रियाय/ सर्व जन सम्मोह्नाय/ ज्वल ज्वल प्रज्ज्वल प्रज्ज्वल/ हन हन वद वद तप तप/सम्मोहय सम्मोहय/सर्व जन में वश्य कुरु कुरु स्वाहा

मध्य रात्रि को एकांत में लाल आसन उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाए और ग्यारह सौ मंत्र का जाप करें| पांच लाल फूल चढ़ाएँ. घी का दीपक और लोबान जलाएं, प्रसाद में पंचरंगी मिठाई रखें| जाप से पहले 21 हजार मंत्र जाप का संकल्प लें| संकल्प लेने के लिए अंजुरी में जल भरकर जिसे वश में करना हो उसका नाम, वशीकरण का उद्देश्य और 21 हजार मंत्र जाप करने का संकल्प २ बार दोहराएं| 21 हजार जाप पूर्ण होते ही मंत्र सिद्ध हो जाएगा| प्रयोग के दौरान निरंतर जिसे वश में करना हो उसका ध्यान करें| पूजा स्थल पर एक पात्र में गंगा जल रखें| ग्यारह सौ जाप पूर्ण होते ही उस जल पर फूंक मारें| 21 हजार जाप पूर्ण होते ही उस जल को स्वच्छ शीशी में बंद कर के रख लें| अपने प्रिय पात्र के पास जाएं और अवसर पाते ही वह जल उसके सर पर छिड़क दें| वह आपके वश में हो जाएगा| इसके बाद उसके समक्ष विवाह प्रस्ताव रखें वह अवश्य स्वीकार कर लेगी|

कई लोग लड़कियों या स्त्री को लेकर दुराग्रही होते हैं| वह न चाहे तो भी उसे पाना चाहते हैं| यह पाना मात्र दैहिक स्तर पर होता है| इसे प्रेम नहीं कहा जा सकता| ऐसे लोग यदि इस साधना को न आजमाएं तो ही बेहतर क्योंकि ऐसे प्रयोग सदैव सकारात्मक उद्देशों के लिए किये जाते हैं| किसी को वश में कर दुराचार करने की भावना हो तो यह उलटा भी पड़ सकता है| इस बात का ध्यान रखना जरुरी है|

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