Remedies to remove delay in marriage


इस दुनिया में कई ऐसे मौके आते हैं जब ज़माने से नाराज़गी हो जाती है, आप परेशानी से गुज़र उठते हैं और पाते हैं की लोग आपके कार्य में बाधा बन गए हैं। जब आप अकेलेपन के चंगुल में फंस जाते हैं तो फिर इस दम घोटती ज़िन्दगी में क्या सही और क्या गलत है, यह पता कर पाना काफी मुश्किल सा हो जाता है। ज़्यादातर लोग इस बात से वाकिफ हैं की बहुत लोग विवाह के योग्य होकर भी इस पवित्र बंधन में नहीं बंध पाते, वे पाते हैं की उन लोगों की लाख कोशिशों के बावजूद इस कार्य में विघ्न और विलम्भ पड़ रहा है। अगर आप अपने कार्य में सही प्रकार से सफलता के लिए जतन करते हैं, अगर आप मेहनत करते हैं, तब भी आप पाएंगे की लोग आपकी बात नहीं समझ पाते और आपके कार्य में अर्चन बन जाते हैं। ऐसे में क्या करना चाहिए? क्या सही तरीक़ा अपनाना होगा आपको अपने कार्य की पूर्ती और सफलता के लिए?

विवाह विलंब बाधा दूर करने के उपाय

ऐसे सवालों का जवाब और हल हम आज निकालेंगे ताकि आप अपने कार्य में फिर से सफलता प्राप्त कर लें – ऐसा करें की चाहे कोई भी महीना हो, आप शुक्ल पक्ष के चौथे दिन यानी चतुर्थी को एक चांदी की छोटी कटोरी में गाय का ताज़ा दूध लें, उबले हुए चावल लें (कटोरी में कुछ भाग भर केवल) और शक्कर डाल दें। अब जब चंद्रोदय हो तो इस मिश्रण में, जो की चांदी की कटोरी में है, में तुलसी की पत्ती डालकर यह नैवेद्य बताकर प्रदक्षिणा करें। इस प्रकार यह प्रयोजन अगले ४५ दिनों तक कायम रखने में गलती न करें। जब यह ४५ दिन पूरे हो जाएं तो एक कन्या को भोजन कराकर वस्त्र और मेहंदी दान में दे दें। ऐसा करने पर अच्छे कर्म और योग वाला वर मिलेगा और मांगलिक दोष से उत्पन्न होने वाली दिक्कतों का निवारण भी हो जायेगा।

अगला असरदार तरीक़ा जिससे आपके जीवन की इस दिक्कत का निवारण किया जा सकता है है की आप गुरुवार के दिन प्रातःकल उठ जाएं, नहां लें और नित्य क्रियाओं से मुक्त हो उठें, फिर आप आंटे में हल्दी मिलाकर रोटियां बनाएं और गुर रखके इन रोटियों को गाय को खिला दें। ऐसा अगर आप अगले सात गुरुवार को करते रहेंगे तो आप पाएंगे की आपके लिए कोई योग्य रिश्ता लेकर आएगा, आपके भाग्य खुल जायेंगे और आप एक सफल और समृद्ध जीवन की ओर रुख करके आगे कदम उठा रहे हैं।

मंगलवार के दिन देवी के मंदिर में लाल गुलाब का फूल चढ़ाएं, पूजन करें एवं मंगलवार का व्रत भी रहेें तो आपके काम में वृद्धि होगी। व्रत अगले ९ मंगलवार तक रहे और आखरी के मंगलवार को नौ कन्यायों को जो की नौ नौ वर्ष की ही हो को भोजन करवाएं, लाल वस्त्र, मेहंदी दक्षिणा दें। आप पाएंगे की ऐसा करने के थोड़े दिनों के अंदर ही अंदर आपके लिए कोई अच्छा और सुयोग्य रिश्ता आ जायेगा और आप एक सफल जीवन की ओर कदम बढ़ा पाएंगी। अगली विधि में आप कात्यायिनी देवी की साधना करेंगे और उससे प्राप्त फलके ज़रिये अपने कार्य में सफलता प्राप्त करेंगे। आप किसी भी वजह से परेशान नहीं हों क्यूंकि यह एक अचूक मंत्र से ज़ुड़ा उपाय है और यह विफल नहीं जाता आपको इसका फल अवश्य ही सुयोग्य वर की तरह मिलेगा। आप रोज़ श्री कात्यायिनी देवी या श्री पार्वती देवी की फोटो को एक आसन पर रखके एक माला रोज़ हमारे बताये मंत्र की करें, ऐसा करने से विवाह में बढ़ा अवश्य ही तुरंत दूर हो जाएगी और जीवन में सूख और शांति आ जाएगी। मंत्र जिसे पढ़ना होगा है –

“ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि, नंद गोपसुतं देवि पतिं में कुरु ने नमः – यह मंत्र कात्यायनिमंत्र श्रीमद् भागवत से लिया गया है ) “

अगला उपाय है की आप नित्य सवेरे उठ जाएं और सूर्योदय से पहले नहा लें, नित्य क्रिया कर लें, और सूर्य को अर्घ दें। सूर्य को अर्घ देने के लिए एक ताम्बे का लोटा लें (न होने पर कोई और साफ़, मांजा हुआ लोटा लें) इसमें जल भर लें और उगते हुए सूरज की तरफ मुख करके खड़े हो जाएं, अब दोनों हाँथ सीधा सामने उठाकर कंधे तक लें आएं, हाँथ में लोटे से बिना बाजू मोड़े जल सूरज के गोले के ऊपर जल गिराना शुरू कर दें। इस समय आप सूर्य का कोई मंत्र बोलेन जैसे

– ॐ सूर्य्यः नमः, ॐ रवियः नमः, ॐ भूर् भुवः स्वः तत्स॑वि॒तुर्वरेण्यं॒ भर्गो॑ दे॒वस्य॑धीमहि धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्।

सूर्य अर्घ के बाद में आप पूजा गृह में जाएं या फिर बाहर किसी मंदिर में जाएं और पार्वती माता के सामने ५ माला इस मंत्र की रोज़ करें जब तक आप का कार्य बन नहीं जाए। मंत्र होगा –

“ हे गौरी! शंकरर्धाङ्गिस यथा त्वं शंकरप्रिया तथा माँ कुरुं कल्याणिस कान्तं कान्तां सुदुर्लभाम्‌ “

अगला मंत्र विघ्न हटाने वाले देवता गणेश भगवन की है। आप पाएंगे की लोग इस कार्य क उपरान्त आपके किये-धरे में बाधा नहीं बन रहे, लोग आपके कार्य को बढ़ावा तक दे रहे हैं और आपके काम में देरी नहीं होगी बल्कि और जल्दी हो जाने की संभावना बनती जाएगी। बुधवार के दिन पीतल के गणेश भगवन लेकर घर आएं, उन्हें एक गहरी थाली रखें और पंचामृत से स्नान करवा दें और फिर विधि विधान से पूजन और पथ करें। उसके २१ बार मंत्र का जाप करें – ॐ गं गणपतये नमः और उसके बाद पंचामृत को निकल कर किसी पीपल के पेड़ में डाल आएं।

एक बड़ा ही सरल और सहज उपाय है की आप अगर पाते हैं की आपकी शादी में विलम्ब हो रहा है तो फिर आप किसी अच्छे मित्र के या फिर किसी रिश्तेदार के शादी में पहने हुए जेवर थोड़े दिन पहन लें, इससे आपके लिए बहुत जल्द ही कोई अच्छा रिश्ता आएगा और अगर कोई रुकावट के कारण आपका रिश्ता रुका हुआ था तो वह भी जल्द ही हट जायेगा और आप एक खुशाल ज़िन्दगी व्यतीत कर पाएंगे। इस तरह हमने आपके प्रत्यक्ष आज कई तरह के उपाय रखे हैं जिनके उपयोग से आप अपने जीवन में अटके हुए रिश्तों की फरमाइश या फिर शादी की ख्वाहिश को पूरा कर पाएंगे। आप इस कार्य में पूरी तरह से सफल हों इस लिए यह ज़रूरी है की आप हमारी बताई हुई विधियों को ध्यान से समझ लें, अगर आपको कोई चवीज़ नहीं समझ आती तो आप ऐसा करें की किसी अच्छे ज्योतिषी या तांत्रिक को अपनी तकलीफ समझाएं, वह आपकी मदद व्यक्तिगत रूप से ज़्यादा बारीकी से कर पायेगा।

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