उल्लू तंत्र सिद्धि तांत्रिक प्रयोग


उल्लू वशीकरण तंत्र सिद्धि तांत्रिक प्रयोग हिन्दू धर्म में दूसरा पवित्र पक्षी उल्लू को माना जाता है लेकिन कुछ लोग अपनी गलत धरना के चलते उल्लू से डरते हैं । किन्तु यह गलत है , क्योकि माता लक्ष्मी का वाहन है और यदि हम उल्लू का अनादर कर रहे है तो इसका मतलब हम माता लक्ष्मी का अपमान कर रहे है । हिन्दू धर्म में उल्लू को समृद्धि और धन का प्रतिक माना जाता हैं । लोग उल्लू से इसलिए डरते हैं की वो डरावना दिखता है । कुछ लोग हद तब कर देते हैं जब वो अपने ही करीबी को उल्लू की तरह दिखने के कारण उन्हें मुर्ख कहकर संबोधित करते हैं । लेकिन वास्तव में यह गलत है ।

उल्लू तंत्र सिद्धि तांत्रिक प्रयोग

उल्लू का महत्व तंत्र साधना में बहुत है । तंत्रशास्त्र के अनुसार उल्लू की विवेकशीलता और उससे मिलने वाले लाभकारी परिणाम से इनकार नहीं किया जा सकता है । इसमें कई रहस्मयी शक्तियां छिपी है । ग्रीकवासी आदिकाल से उल्लू को सौभाग्य , धन और समृद्धि का प्रतिक मानते हैं । जबकि पूरा यूरोप उल्लू को काले जादू के मुख्य अंग के रूप में माना जाता हैं चीनी फ्रेंग्शुई में अगर उल्लू सौभाग्य और सुरक्षा का प्रतीक है तो जापानियों की नजर में उल्लू उनकी मुसीबत में रक्षा करता है । और अगर यदि भारत में इस तंत्र की बात करें तो यहां यह विधा बहुत ही प्रचलित है । इसमें कई चमत्कारी अचूक तांत्रिक शक्तियां है । यह माना जाता है की उल्लू के हाव -भाव , बोली और उड़ान भरने की स्थिति से भूत,भविष्य और वर्तमान की घटनाओं का पता लगाया जा सकता है । ज्योतिषशास्त्र के अनुसार उल्लू माता लक्ष्मी का वाहन है जो शुक्र गृह की अधिष्टात्री है , जबकि उल्लू राहु के घर का प्रतिनिधित्वि करता है तथा कुंडली में इसका सुनिश्चित घर छठा स्थान का है । हालांकि इसका तीसरे , छठे और आठवें घर में होना शुभ माना गया है । इसलिये उल्लू की महत्वता मनुष्य के जीवन में बनी रहती है , जिसे भविष्य सूचक के नज़रिये से देखा जाता है|

उल्लू के माध्यम से वशीकरण टोटके निम्नलिखित है :-

  • वशीकरण के लिए की गए उपायों में उल्लू के पंख की राख को कसूरी के साथ घिसकर शरीर पर लगाने से अचूक परिणाम मिलता है| इसके अतरिक्त उल्लू की बली की के बाद उसका सूखा मांस खिला दिया जाये , तो वह काफी विचलित हो जाता है और उसकी शांति भंग हो जाती है|
  • उल्ली के रीढ़ की हड्डी को केसर , कस्तूरी और कुमकुम के साथ घिसकर बनायें गए मिश्रण का तिलक वशीकरण के लिए उपयोगी है । इसे लगाकर रूठी पत्नी को मनाया जा सकता है या प्रेमिका को वशीभूत भी किया जा सकता है |
  • कौवें और उल्लू की विष्ठा को एक साथ मिलाकर गुलाब जल के साथ घोटने के बात उसका तिलक अपने माथे पर लगाए । यह लगाकर आप जिसके भी सम्मुख जाओगे वो आपके वश में हो जायेगा |
  • उल्लू के तंत्र में उसके अंगों को तांत्रिक साधना के लिये कई तरह से उपयोग में लाया जाता है । उल्लू के नाखून , पंख , पंजे, चोंच तंत्र सिद्धि के काम में लाये जाते हैं| इसकी पूजा रात महानिशिफ काल में होती है ।
  • उल्लू पक्षी का एक पंख लेकर उसे अपने सामने रखकर “ॐ उल्लिकान विदेशय फट ” मंत्र का जाप १०० बार करके उसे जिस घर में भी फेंक दिया जाए वहां पर कलह हो जाता है ।

उल्लू वशीकरण के टोटके निम्नलिखित है :-

धन की प्राप्ति के लिए उल्लू की तस्वीर लगाने और उसकी दीपावली की शाम पूजा करने का शुभ परिणाम होता है ।
धन रखे जाने वाले स्थान पर उल्लू की तस्वीर रखना एक साधारण टोटका है , और इसे घर में आर्थिक लाभ के अवसर बनते है ।
पक्षी तंत्र के अनुसार उल्लू धन का संकेत देने वाला है । जहां भी खजाना छिपाकर रखा होता है या गड़ा हुआ रहता है , वहां उल्लू पाएं जाते है ।

दीपावली पर उल्लू तंत्र के कुछ उपायों को करके आप अपने कार्यों में आ रही बाधाओं को हटा सकते है उल्लू तंत्र के सिद्ध उपाएँ है :-

घर में किसी भी प्रकार की बाधा हो तो दीपावली की रात में निम्नलिखित मंत्र उल्लू पर विराजी या उल्लू के साथ मां लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष लाल चन्दन की माला से १००० बार जाप करें । इससे हर प्रकार की बाधा दूर होगी ।

मंत्र :-

“ॐ नमो कालरात्रि सर्वभूतबाधा, किया कराया,
नजर ,ढीठ पलायन कुरु कुरु हूं फट सवाहा” ।

सर्वप्रथम स्नानादी से निवृत होकर साफ़ – सुथरी जगह एक ऊन का आसन लेकर उस पर स्वयं विराजित होकर बैठे फिर उल्लू के साथ लक्ष्मी की तस्वीर को सामने रखे । जहां तक हो सके शंख की माला या कमलगट्टे की माला लेकर निम्न मंत्र का जाप करे , लाभ अवश्य ही मिलेगा ।

मंत्र :–

“ॐ नमो उल्लुकवाहिनी विष्णु प्रिया भगवती लक्ष्मी दए
मम दुर्भाग्यनाशाय नाशाय सौभाग्य – वृद्धि कुरु – कुरु
श्रं श्रै श्रौ फट् सवाहा ।”

तंत्र शास्त्र के अनुसार उल्लू से जुडी कुछ बातें निम्नलिखित हैं:-

यदि सपने में उल्लू को अपने ओर आतें हुए देखा है तो उसे शुभ माना जाता है । और यदि स्वप्न में उल्लू दूर जाता हुआ दिखाई देता है तो यह घर में आग लग जाना , चोरी हो जाना , व्यापार में घाटा होने का संकेत देता है ।

हिन्दू धर्म में ज्योतिषशास्त्र और तंत्रशास्त्र के अनुसार शगुन अपशगुन की मान्यता सदियों से चली आ रही है । उल्लू से जुड़े कुछ शकुन -अपशगुन निम्लिखित है :-

यदि उल्लू रात में यात्रा कर रहे व्यक्ति को होम – होम की आवाज करता हुआ मिले तो शुभ फल मिलता है , क्योंकि इसी प्रकार की ध्वनि यदि वह फिर करता है तो उसकी इच्छा रमण करने की होती है ।

यदि उल्लू किसी के घर बैठना प्रारम्भ कर दे , तो वह घर कभी भी उजड़ सकता है और उस घर के मालिक पर कोई विपति आने की सम्भावना बढ़ जाती है । दक्षिण अफ्रीका में उल्लू की आवाज को मृत्युसूचक माना जाता है । वही चीन में उल्लू दिखाई देने पर पड़ोसी की मृत्यु का सूचक माना जाता है ।

हिन्दू धर्म में ऋषियों ने बड़े ही गहन आवलोकन और अध्यन्न के बाद ही उल्लू को देवी लक्ष्मी के वाहन होने की बात को कहा जाता था । उल्लू के तंत्र में उल्लू की बली देने के विषय में कहा गया हैं की इससे धन की देवी लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है ।

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