मनचाहा जीवनसाथी चाहिए तो करे ये सरल उपाय


मनचाही शादी के टोटके, मनचाहा वर पाने का उपाय, मनचाहा जीवनसाथी पाने का मंत्र- भारत में विवाह एक पवित्र बंधन माना गया है| एक ऐसा मधुर बंधन जिसमें दो आत्माएँ सिर्फ इसी जीवन के लिए नहीं अपितु सात जन्मों के लिए बंध जाती हैं| सोलह संस्कारों में एक ‘विवाह संस्कार’ की महत्ता ही इसे श्रेष्ठ बनाती है| भारत में अब भी अधिकांश परिवारों में रिश्ते घर के बड़ों द्वारा तय किये जाते हैं, तथा प्रेम विवाह को सामाजिक स्वीकृति आज भी नहीं मिल सकी है| परंतु, किसी को पसंद कर लेने, प्रेम हो जाने अथवा मन में यह भाव पैदा होना कि ‘जीवनसाथी तो ऐसा ही चाहिए’ पर किसी का वश नहीं चलता है| यदि जीवनसाथी मनचाहा मिल जाए तो जीवन की अन्य चुनौतियों का सामना करना सरल हो जाता है| ज्योतिष शास्त्र में हर समस्या हेतु एक निश्चित समाधान दिया गया है| इच्छाशक्ति, नियम अनुपालन में प्रतिबद्धता तथा विश्वास हो तो मनचाही शादी होना कोई असंभव सी बात नहीं है|

मनचाही शादी करने के उपाय

नीचे कुछ विशेष मंत्रों तथा उसके जाप की विधि के साथ-साथ कुछ प्रसिद्ध चौपाइयों का वर्णन किया गया है| इनमे से अपनी इच्छा से किसी एक का चुनाव करते हुए आप अपने अभीष्ट को सिद्ध कर सकते हैं –

सर्वबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्यालिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशन्म।।

किसी योग्य पंडित से श्री नवदुर्गा यंत्र को अभिमंत्रित करवाकर अपने पूजा स्थल में रखें तथा उपर्युक्त मंत्र का जाप रूप से 1 माला नित्य नियमित रूप से चालीस दिनों तक करें| ऐसा करने से मनपसंद शादी करने में कोई अड़चन नहीं आएगी

‘‘ऊॅ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” ;ह शुक्र देवता का मंत्र है। नियमित रूप से एक माला इस मंत्र का जाप करने से मनपसंद जीवनसाथी प्राप्त होता है |

वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नम: श्रेष्ठाय
नमो रुद्राय नम: नमो कालाय नम:
कलविकरणाय नम: बल विकरणाय नमो

रविवार अथवा सोमवार को स्नान के उपरांत पीत वस्त्र धारण करें, तथा शिव जी का ध्यान करें| ऐसा निरंतर दो माह तक करने से मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है|

ॐ श्री दुर्गायै सर्व-विघ्न-विनाशिनयै नमः स्वाहा|
सर्वमंगल-मंगलयै, सर्व-काम प्रदे देवी, देहिमे वांछित नित्यं, नमस्ते शंकर प्रिये||
दुर्गेशिवे भये माये, नारायणी सनातनी, जपे मे मंगले देहि, नमस्ते सर्व मंगले||

देवी गौरी की उपासना के लिए इस मंत्र का उपयोग देवी सीता ने किया था| विधि विधान से देवी पार्वती की पूजा के बाद इस मंत्र का जाप नित्य 11 बार करें|

अस्य स्वयंवरकलामंत्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, अतिजगति छन्दः, देवीगिरिपुत्रीस्वयंवरादेवतात्मनोऽभीष्ट सिद्धये

इस मंत्र का जाप विवाह योग्य युवक-युवती दोनो कर सकते हैं|

तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साज संवारि कै।
मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुंअरि लई हंकारि कै।।

तुलसीदास रचित रामचरित मानस की इस चौपाई का निरंतर पाठ करने इस उद्देश्य में अवश्य सफलता मिलती है| इस चौपाई का पाठ युवक तथा युवती दोनों कर सकते हैं|

तौ भगवानु सकल उर बासी। करिहि मोहि रघुबर कै दासी।।
जेहि कें जेहि पर सत्‍य सनेहू। सो तेहि मिलइ न कछु संदेहू।।

यह चौपाई रामचरितमानस के बालकांड से उद्धृत है| इसमे स्वयंवर से पूर्व सीता जी कहती हैं कि यदि मेरा प्रण सत्य पर आधारित है तो सभी के हृदय में बसने वाले राम उन्हें जीवनसंगिनी अवश्य बनाएँगे|

मनचाही शादी के टोटके

  • एक से अधिक दरवाजे वाले कमरे में सोएँ|
  • नवयुवक इसके लिए, नियमित रूप से केले का सेवन करें तथा सोते समय पीले रंग की चादर बिछाएँ|
  • कमरे के दक्षिण पश्चिम में ऐसा चित्र लगाएँ जिसमे लाल फूल बने हों|
  • नवयुवतियाँ सावन के सोलह सोमवार का व्रत रखें, तथा शिवजी से मनचाहा जीवनसाथी प्रदान करने हेतु प्रार्थना करें|
  • पार्वती जी के मंदिर में सुहाग-सामग्री अर्पित करें|
  • सोमवार को घर के पूजास्थल में अखंड दीप प्रज्ज्वलित करें|
  • गौ माता को प्रतिदिन घास खिलाएँ| ऐसा करने से मनपसंद विवाह में बाधक ग्रह दोष समाप्त होते हैं|
  • काले कपड़े न पहनें|
  • अपने प्रेयस/प्रेयसी को पुष्प भेंट करते समय कांटे उसमे से निकाल दें|
  • सोते समय दक्षिण दिशा में सिर तथा उत्तर दिशा में पैर रखें|
  • जब शादी की बात चलाने वाले घर आए तो उनके बैठने की व्यवस्था इस प्रकार करें कि उनका चेहरा घर के भीतर की तरफ हो|
  • नहाने के पानी में हल्दी मिला दें, तथा सूर्य देव को तांबे के लोटे में हल्दी मिश्रित जल से अर्घ्य दें| लोटे की पेंदी में जो हल्दी बच गया हो उसको गले तथा मस्तक पर लगा लें| एक माह तक निरंतर ऐसा करने से मनचाही शादी के मार्ग में आने वाली अडचन का कारण यदि गुरु है तो वह दूर हो जाता है|
  • मनचाहा वर पाने के उपाय

यदि कोई नवयुवती प्रेम में हो, नहीं भी हो परंतु मन में इच्छा हो कि भावी ऐसा होना चाहिए परंतु विभिन्न बाधाओं के कारण ऐसा न हो पा रहा हो, तो नीचे कुछ मंत्र तथा उसके पाठ की विधि दी गई है| ध्यान रखें मंत्र अथवा अनुष्ठान पूरी तरह आस्था का विषय है| आस्था न हो इन उपायों को न आज़माएं|

यदि विवाह योग्य किसी युवती के लिए मनचाहा रिश्ता नहीं आ रहा हो, तथा विवाह में विलंब हो रहा हो तो उसे देवी कात्यायनी की आराधना पूर्ण नियम निष्ठा से करना चाहिए| इसके लिए सर्वप्रथम एक निश्चित समय, आसन तथा पूजा स्थल चुन लें| पुनः निम्नलिखित कात्यायनी मंत्र के अंत में ‘स्वाहा’ उच्चारित करते हुए घृत, शक्कर मिश्रित ग्यारह आहूति दें –

कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।

नंदगोप सुतम् देवि पतिं मे कुरुते नमः॥

21 दिनों तक निरंतर 108 बार नित्य इस मंत्र के जाप तथा हवन से समस्त बाधाओ का नाश होता है, तथा मनचाहा जीवन साथी प्राप्त होता है| इसमे ध्यान रखने योग्य बात यह है कि अनुष्ठान के 21 दिनों के बीच पूजा स्थान, पूजा समय, आसन आदि में परिवर्तन न हो|

नियमित रूप से पार्वती जी की पूजा करें तथा नीचे लिखे मंत्र का जाप करें 11 बार हर दिन करें-

‘ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः’’
‘ऊँ गौरये नमः

इसके अतिरिक्त एक अन्य मंत्र का जाप भी अत्यन्त लाभकारी है –

हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।

मनचाहा पति के लिए शिव-पार्वती दोनों की आराधना अत्यंत लाभकारी है| इसके लिए प्रतिदिन स्नान के बाद शिवलिंग पर कच्चा दूध मिश्रित जल चढ़ाएँ, पार्वती जी का पूजन करें तथा नीचे लिखे मंत्र का जाप करें

ऊँ साम्ब शिवाय नमः’
’’ऊँ पार्वत्यै नमः

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